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क्या यूपीआई पेमेंट ग्राहकों के लिए मुफ़्त रहेगा? NPCI ने स्थिति स्पष्ट की

दिल्ली | जब मीडिया में 1 अप्रैल 2023 से यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगने का दावा सामने आया तो एनपीसीआई ने एक प्रेस रिलीज जारी किया है और इस मामले में स्थिति साफ की है। एनपीसीआई ने बताया है कि केवल प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (पीपीआई) पर प्रस्तावित शुल्क लागू किया जाएगा जिससे खाते से खाते के बीच होने वाले लेन-देन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

upi payment
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हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने जारी एक सर्कुलर में सलाह दी है कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर होने वाले प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (पीपीआई) पर शुल्क लागू किया जाए। हालांकि एनपीसीआई ने रिलीज जारी कर स्थिति साफ कर दी है कि यूपीआई से आम ग्राहकों के लिए जो खातों से खातों में लेनदेन करेंगे, उनके लिए यूपीआई मुफ्त होगा।

क्या होता है पीपीआई जिस पर लगेगा शुल्क?

प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (पीपीआई) एक वित्तीय उपकरण है, जिसमें आप पहले से पैसे जमा करके भविष्य में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस संग्रहित पैसे से वस्तु और सेवाएं खरीदी जा सकती हैं। पीपीआई से दोस्त या रिश्तेदार आदि को पैसे भेजा जा सकता है। वर्तमान में देश में तीन प्रकार के पीपीआई होते हैं। ये हैं सेमी-क्लोज्ड सिस्टम पीपीआई, क्लोज्ड सिस्टम पीपीआई और ओपन सिस्टम पीपीआई। पीपीआई को कार्ड और मोबाइल वॉलेट के रूप में जारी किया जा सकता है। देश में पेमेंट वॉलेट की सुविधा प्रदान करने वाली प्रमुख कंपनियों में पेटीएम, फोनपे और गूगल पे जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो इस तरह के पीपीआई से जुड़ी सेवाओं का प्रबंधन करती हैं।

पीपीआई से लेन-देन के लिए कितना शुल्क हो सकता है?

पीपीआई के तहत होने वाले मर्चेंट-टू-मर्चेंट लेन-देन पर 0.5 से 1.1 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की प्रस्तावित योजना है। इसमें इंटरचेंज के लिए 0.5 प्रतिशत, दूरसंचार, उपयोगिताओं/डाकघर, शिक्षा और कृषि के लिए 0.7 प्रतिशत, सुपरमार्केट के लिए 0.9 प्रतिशत और म्यूचुअल फंड, सरकार, बीमा और रेलवे के लिए 1 प्रतिशत शुल्क लगा सकते हैं। यह शुल्क 1 अप्रैल, 2023 से लागू होगा। एनपीसीआई के सर्कुलर में बताया गया है कि 30 सितंबर, 2023 से पहले उन्होंने इस मूल्य निर्धारण की समीक्षा करेगा।

UPI लेन-देन पर प्रस्तावित शुल्क से कितने प्रतिशत लोग प्रभावित होंगे?

एनपीसीआई के सर्कुलर से संकेत मिल रहे हैं कि एक अप्रैल से यूपीआई भुगतान यानी गूगल पे, फोन पे और पेटीएम के माध्यम से अगर पीपीआई का इस्तेमाल करते हुए 2,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया तो इसके लिए आपको अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ सकता है। हालांकि ऐसे लेनदेन फिलहाल यूपीआई के तहत होने वाले कुल लेन-देन के महज 0.1 प्रतिशत ही हैं, ऐसे में आम ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में सरकार की ओर से भी कई बार इस बात के संकेत दिए गए थे कि यूपीआई मुफ्त बना रहेगा। यूपीआई से भुगतान भारतीय अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण में अहम भूमिका निभा रहा है। ऐसे में यूपीआई लेनदन पर शुल्क लगने से इस पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

NPCI ने क्या कहा?

एनपीसीआई ने बुधवार को जारी रिलीज में बताया है कि 1 अप्रैल से यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगने की खबर गलत है। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) लेनदेन मुफ्त, तेज, सुरक्षित और निर्बाध होगा। इससे हर महीने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स और कारोबारियों के लिए 8 अरब रुपये से अधिक लेन-देन बिल्कुल मुफ्त में किए जाएंगे। PPI चार्ज वसूला जाएगा। प्रेस रिलीज में कहा गया है कि ग्राहक और मर्चेंट के बीच किए गए बैंक अकाउंट से बैंक अकाउंट ट्रांजैक्शन बिल्कुल फ्री बना रहेगा।

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